महिला एवं बाल विकास, उत्तर प्रदेश सरकार

  • Posted on: 10 August 2019
  • By: Dheeraj

महिला कल्याण द्वारा संचालित कार्यक्रम एवं योजनाएं

a. उ0प्र0 राज्य महिला सशाक्तिकरण मिशन का क्रियान्वयन

आपकी सखी- आशा ज्योति केन्द्रों का संचालन
उ0प्र0 रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना
181 महिला हेल्प लाइन

 

1 पति की मृत्युपरान्त निराश्रित महिलाओं को सहायक अनुदान योजना 
पति की मृत्युपरान्त निराश्रित महिलाओं को सहायता प्रदान किये जाने हेतु उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पेंशन योजना व्यवहरित है।
योजनान्तर्गत लाभार्थियों का कुल भौतिक लक्ष्य 2349898 निर्धारित है । प्रत्येक लाभार्थी को प्रति माह रू0 500/— की धनराशि 
दी जाती है। नवीन लाभार्थी वेबसाइट www.mahilakalyanup.nic.in पर आवेदन कर सकते हैं 

आवेदन हेतु निर्धारित मानक :

आवेदन हेतु निम्न मानक निर्धारित हैं :—
. आवेदिका उ0प्र0 की स्थायी निवासी हो । 
. आवेदिका के पति की मृत्यु हो गयी हो ।
. आवेदिका की आयु 18 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए। 
. आवेदिका एंव उसके परिवार की वार्षिक आय सीमा समस्त श्रोतों से रू0 2.00 लाख प्रतिवर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिये। 
. आवेदिका को राज्य अथवा केन्द्र सरकार की किसी अन्य योजना से पेंशन न प्राप्त हो रही हो ।

आवेदन पत्र निस्तारण हेतु समयसीमा :

1. जांच के लिये —45 दिन 
2— खण्ड विकास अधिकारी/उप जिलाधिकारी/नगर मजिस्ट्रेट—15 दिन 
3— जनपदीय अनुश्रवण एंव स्वीकृति समिति—01 माह 
4— एन0आई0सी0 से पी0एफ0एम0एस0 द्वारा धनराशि भेजने हेतु—01 माह 
उपरोक्त निर्धारित समयावधि में निर्णय लेना अनिवार्य है अन्यथा आवेदन पत्र उपरोक्त 
समय सीमा समाप्ति के पश्चात स्वतः अग्रसारित/स्वीकृत हो जायेगा ।

 

2. 35 वर्ष से कम आयु की पति की मृत्युपरान्त निराश्रित महिला से विवाह करने पर दम्पत्ति को पुरस्कार 

पति की मृत्युपरान्त निराश्रित महिला से पुनर्विवाह करने पर दम्पत्ति को पुरस्कार योजना के अन्तर्गत निराश्रित महिलायें 
जिनके पति की मृत्यु हो गयी हो, से पुनर्विवाह करने पर दम्पत्ति को पुरस्कृत किये जाने की योजना संचालित है, बशर्ते
की वह आयकर दाता न हो । दम्पत्ति को विवाह से एक वर्ष के अन्दर अनुदान प्राप्त करने हेतु प्रार्थनापत्र जिला परिवीक्षा
अधिकारी के कार्यालय में जमा करना होता है एंव जिलाधिकारी की स्वीकृति के उपरान्त दम्पत्ति को रू0 11000/— का 
पुरस्कार दिया जाता है ।

 

3. पति की मृत्युपरान्त निराश्रित महिला की पुत्री से विवाह हेतु अनुदान योजना 

पति की मृत्युपरान्त निराश्रित महिला पेंशन प्राप्त कर रही महिलाओं की पुत्रियों के विवाह हेतु एकमुश्त रू0 10000/— की वित्तीय 
सहायता प्रदान की जाती है। पिछडा वर्ग/ अल्पसंख्यक कल्याण/समाज कल्याण विभाग में समानान्तर योजना संचालित होने एंव 
अनुदान राशि रू0 20000/— होने के कारण योजनान्तर्गत अपेक्षित प्रगति नही होती है। उच्च स्तरीय निर्णय के क्रम में योजना 
समाज कल्याण विभाग को हस्तान्तरित करने की कार्यवाही विचाराधीन है।

 

4. दहेज से पीडित महिलाओं को आर्थिक सहायता योजना 

गरीबी की रेखा के नीचे निवासरत दहेज से पीडित महिला जोे किसी अन्य विभाग से सहायता प्राप्त न कर रही हो,
उत्पीडन की प्राथमिकी थाने में दर्ज करा चुकी हो अथवा न्यायालय में जिसका वाद विचाराधीन हो, जिला परिवीक्षा 
अधिकारी, जो जिला दहेज प्रतिषेध अधिकारी भी नामित हैं, के कार्यालय से सहायता प्राप्त कर सकती है। आवेदन पत्र 
पर जिलाधिकारी की स्वीकृति के उपरान्त पात्र महिला को रू0 125/— प्रतिमाह की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। 

 

5. दहेज से पीडित महिलाओं को  क़ानूनी सहायता योजना

गरीबी की रेखा के नीचे निवासरत दहेज से पीडित ऐसी महिलाओं को, जिन्हें अन्य विभाग द्वारा सहायता प्राप्त न हो रही हो, 
वाद न्यायालय में विचाराधीन हो, को कानूनी पैरवी हेतु रू0 2500/— की एकमुश्त सहायता धनराशि प्रदान की जाती है। 
जिला परिवीक्षा अधिकारी, जो जिला दहेज प्रतिषेध अधिकारी भी नामित हैं, के कार्यालय में सहायता प्राप्त करने हेतु 
आवेदन पत्र देना होता है, जिलाधिकारी की स्वीकृति के उपरान्त ऐसी पात्र महिला को सहायता प्रदान की जाती है।

सुकन्या सुमंगला योजना

  • Posted on: 10 August 2019
  • By: Dheeraj

कन्या सुमंगला योजना'
महिला कल्याण विभाग द्वारा कन्या सुमंगला योजना बेटियों की बेहतर परवरिश हमारा दायित्व इस योजना में जन्म से बालिग़ होने तक मिलेंगी 15 हज़ार रुपए की आर्थिक मदद 6 किस्तों में 

2000 रुपए जन्म पर

1000 रुपए 1 वर्ष तक टीकाकरण पूरा होने पर 

2000 रुपए कक्षा 1 में प्रवेश पर 

2000 रुपए कक्षा 6 में प्रवेश पर 

3000 रुपए कक्षा 9 में प्रवेश पर 

5000 रुपए स्नातक या 2 वर्षीय डिप्लोमा प्रवेश पर 

आवेदन कैसे करे -

आवेदन निर्धारित प्रारूप पर ऑफलाइन / ऑनलाइन दोनों माध्यम से किया जा सकता है 

प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना

  • Posted on: 8 August 2019
  • By: Dheeraj

धानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) एक टर्म इंश्योरेंस प्लान है. प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) में निवेश के बाद अगर व्यक्ति की मौत हो जाती है तो तो उसके परिवार को 2 लाख रुपए मिलते हैं. 

देश के हर आदमी तक जीवन बीमा का लाभ पहुंचाने के लिए केंद्र की मोदी सरकार ने 9 मई 2015 को PMJJBY शुरू की थी. 

  • प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) में बीमा खरीदने के लिए किसी मेडिकल जांच की जरूरत नहीं है.
  • प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) के तहत टर्म प्लान लेने के लिए न्यूनतम उम्र 18 साल और अधिकतम उम्र 50 साल है. इस पॉलिसी की परिपक्वता (मैच्योरिटी) की उम्र 55 साल है.
  • प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) के तहत टर्म प्लान को हर साल रिन्यू कराना पड़ता है. इसमें अश्योर्ड अमाउंट यानी बीमा की रकम 2,00,000 रुपये है.
  • प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योज .. 
  • बीमा कवर की अवधि के दौरान यदि सदस्य की मौत हो जाती है, तो 2 लाख रुपए की राशि उसके परिजनों (नॉमिनी) को प्राप्त होगी.
  • अगर PMJJBY के तहत बीमा लेने वाले व्यक्ति ने कई बैंक को प्रीमियम चुकाया है, तब भी कुल मृत्यु लाभ 2,00,000 रुपये से अधिक नहीं हो सकता.
  • कोई भी व्यक्ति प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) को एक साल या उससे ज्यादा वक्त के लिए चुन सकता है. अगर किसी व्यक्ति ने लंबी अवधि के लिए बीमा का विकल्प चुना है तो उसका बैंक हर साल प्रीमियम की रकम बैंक के बचत खाते से खुद काट लेगा.
  • आपके बैंक खाते से प्रीमियम की रकम काटे जाने के दिन से ही आपको प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) की सुविधा मिलने लगेगी.
  • PMJJBY पॉलिसी किसी भी तारीख को खरीदी गयी हो, पहले साल के लिए उसका कवरेज अगले साल 31 मई तक ही होगा.
  •  .. 
     
     
  •  

सुकन्या समृद्धि योजना

  • Posted on: 3 August 2019
  • By: Dheeraj
  • इस योजना का लाभ आवेदनकर्ता की दो संतान (बेटी) को दिया जाता है।
  • अगर किसी आवेदनकर्ता को पहेली लड़की है ओर दूसरी संतान के रूप मे दो लड़कियो का जन्म होता है, तो यह लाभ पहली ओर दूसरी जन्मी दोनों ही लड़कियो को मिलता है।
  • इस योजना मे 0 से 10 साल की सभी भारतीय बेटियो को इसका लाभ दिया गया है, इस योजना मे पालक यानि माता-पिता या अभिभावक (Guardian) अपनी बेटी के भविष्य के लिए या उसकी पढ़ाई के लिए अपनी बेटी के नाम से बैंक या डाकघर (Post Office) मे खाता खोलकर इस योजना के अंतर्गत अपनी सवुलियत के हिसाब से पैसे जमा करवा सकते है।
  • आपकी बेटी 14 साल की हो जाये तब तक आपको खाते में पैसे जमा करवाने होगे और 21 साल हो जाएंगे तब खाते की परिपक्वता हो जाती है।
  • आप इस खाते में जमा किये हुए पैसे बेटी के उच्च अभ्यास के लिए निकाल सकते हो। पर इसके लिए आपकी बेटी की उम्र 18 साल होनी चाहिए।
  • अगर आप अपनी बेटी की शादी 18 साल में करवा देते हो तो उसके बाद आप खाता बंद भी करवा सकते हो।
  • आपको इस योजना में भरे गए रुपयो पर Income Tax की 80c कलम के अनुसार राहत मिलती है।
  • इस योजना के तहत आपको ज्यादा ब्याज दर मिलता है।
  • इस खाते मे हर साल कम से कम 1000 रुपए जमा करवाना आवश्यक है, ओर सालाना 1.5 लाख रुपए से ज्यादा जमा नहीं करवा सकते।
  • यदि किसी कारणसर माता-पिता या अभिभावक (Guardian) इस खाते मे आवश्यक रकम जमा नहीं करवाते है तो खाता बंद हो जाएगा।
  • यदि वह समय रहेते इस खाते का पुनः लाभ लेना चाहते है तो उन्हे प्रति वर्ष 50 रुपए दंड के साथ प्रत्येक वर्ष की न्यूनतम राशि (1000 rs) जमा करवानी होगी।
  • पालक अपनी बेटी के खाते मे बेटी की 14 साल की उम्र तक पैसे जमा करवा सकता है। इसके बाद जमा हुई रकम पर व्याज मिलता रहेगा।
  • खाताधारक 18 वर्ष की आयु होने पर खुद ही योजना के नियम अनुसार खाते से पैसे निकाल सकता है।
  • खाताधारक के 18 वर्ष के बाद उसकी उच्च शिक्षा के लिए खाते मे से 50% रकम निकाली जा सकती है। यह रकम निकालने के लिए खाते मे 14 वर्ष की रकम जमा हुई होनी चाहिए।
  • खाताधारक के 18 वर्ष के बाद यदि उसकी शादी करनी हो तो उसके लिए भी रकम निकली जा सकती है।
  • इस योजना के अंतर्गत खोले गए बैंक खातो या डाकघर (post office) के खातो की जमा राशि पर सरकार ध्वारा आयकर अधिनियम की धारा 80 C के तहत कोई भी टेक्स (tax) नहीं लिया जाएगा।
  • यदी खाताधारक का विवाह 21 वर्ष से पूर्व कर दिया जाता है तो खाता बंद कर दिया जाएगा।
  • योजना के लाभार्थी अपनी सानुकूलता के आधार पर अपने खाते को किसी भी बैंक मे या बैंक शाखा मे स्थानांतरण (Transfer) करवा सकता है।
  • आप इस योजना के लिए पैसे किसी भी तरह से जमा करवा सकते है जैसे कि कैशचेकडिमांड ड्राफ्ट,Online भी आप पैसे जमा करवा सकते है।
  • यहाँ जानिए कैसे आप इस योजना का लाभ ले सकते है।
  • ► इस योजना के लिए आप बैंक या डाकघर (Post Office) में आवेदन कर सकते है।
  • ► हमारे देश मे बैंक आज भी छोटे गाँवो तक अभी भी नही पहुची है। तो इस वजह से सरकार ध्वारा इस योजना के लिए बैंक और डाकघर (Post Office) दोनो चुने गए है।
  • ► इस योजना के लिए अपनी बेटी का खाता बैंक या डाकघर (Post Office) में खुलवा सकते है।
  • ► पहले आप अपनी नजदीकी बैंक या डाकघर (Post Office) में जाइए।
  • ► वहाँ आपको इस योजना के लिए Suknya Samriddhi Form दिया जाएगा जिसमे आपको मांगी हुई जानकारी भरनी है। वह Suknya Samriddhi Form को वहां जमा करवाना होगा।
  • Suknya Samriddhi Form के साथ आपको कुछ दस्तावेज़ भी जमा करवाने होंगे।
  • ► अब वहां पे आपके दस्तावेज़ और Suknya Samriddhi Form की जानकारी का सत्यापन किया जाएगा।
  • ► इसके बाद आपको वहां पैसे जमा करवाने होंगे।

► आपका Suknya Samriddhi का खाता खुल जाएगा

उत्‍तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड

  • Posted on: 30 July 2019
  • By: Dheeraj

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम

  • मुख्य पृष्ठ / योजनायें / प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना पूर्णतया भारत सरकार द्वारा प्रायोजित एक महत्वपूर्ण स्वरोजगार की योजना है, जिसका संचालन प्रदेश में तीन एजेन्सियों क्रमशः जिला उद्योग केन्द्र, खादी और ग्रामोद्योग आयोग, एवं उ0प्र0 खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा किया जाता है। भारत सरकार द्वारा उक्त योजना के क्रियान्वयन हेतु राष्ट्रीय स्तर पर खादी और ग्रामोद्योग आयोग, (के0वी0आई0सी0) को नोडल एजेन्सी के रूप में नामित किया गया है। भारत सरकार द्वारा उक्त योजना के क्रियान्वयन में उपरोक्त तीनों एजेन्सियों के मध्य में 40ः 30ः 30ः प्रतिशत का अनुपात निश्चित किया गया है। तद्नुसार ही तीनों एजेन्सियों को बजट एवं लक्ष्य का आवंटन प्राप्त होता है योजना का विवरण निम्नवत है।

योजना का विवरण निम्नवत् है

  • कार्यक्षेत्रः- उद्यम की स्थापना ग्रामीण क्षेत्र में ही अनुमन्य है।
  • परियोजना का अधिकतम आकारः- रू०-25.00 लाख तक।
  • पात्र उद्यमीः- 18 वर्ष से ऊपर आयु का पुरूष/महिला उद्यमी।
  • आवेदन कैसे करें:- पीएमईजीपी योजनान्तर्गत ऑनलाइन आवेदन ही अनुमन्य है तथा कोई भी आवेदक www.kviconline.gov.in की वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकता है तथा इस वेबसाइट पर योजना के सम्बन्ध में सम्पूर्ण दिशा-निर्देश एवं विस्तृत जानकारी उपलब्ध है।
  • अपेक्षित दस्तावेजः- परियोजना शैक्षिक योग्यता प्रमाण पत्र, तकनीकी योग्यता प्रमाण-पत्र, जाति प्रमाण-पत्र (जहां लागू हो) आदि।
  • लाभार्थियों का चयनः- जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय कार्यदल के माध्यम से होता है।
  • परियोजना की मंजूरीः- तकनीकी आर्थिक व्यवहार्यता के अनुसार बैकों द्वारा परियोजना की मंजूरी प्रदान की जाती है।
  • निजी अंशदानः- सामान्य श्रेणी के लाभार्थियों को परियोजना लागत का 10 प्रतिशत एवं आरक्षित श्रेणी के लाभार्थियों हेतु परियोजना लागत का 5प्रतिशत का अंशदान लगाना होता है।
  • द्वितीय बार ऋण प्राप्त करने की सुविधाः- इस योजनान्तर्गत तीन वर्ष पुरानी सफल इकाईयों को उद्यम के विस्तार हेतु धनराशि रू0 25.00 लाख एवं उत्पादन इकाईयों को रू0 1.00 करोड़ तक का ऋण बैंकों के माध्यम से प्राप्त करने की सुविधा अनुमन्य है। उक्त ऋण धनराशि पर 15 प्रतिशत अनुदान भी उपलब्ध है।
  • ब्याज उपादान की सुविधाः-पीएईजीपी योजनान्तर्गत ग्रामीण क्षेत्रों की वित्तपोषित इकाईयों को पं0 दीनदयाल ग्रामोद्योग रोजगार योजना के तहत ब्याज उपादान (अधिकतम 13 प्रतिशत तक) ऋण के प्रथम वितरण की तिथि से तीन वर्षों तक दिये जाने का प्राविधान है।

योजना के अन्तर्गत सरकारी सब्सिडी का स्तर

क्र० सं०
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अन्तर्गत लाभार्थियों की श्रेणी
अनुमन्य उपादान की दर

1.
सामान्य श्रेणी वर्ग
प्रोजेक्ट कास्ट का 25%

2.
आरक्षित वर्ग (अ०जा०, अ०ज०जा०, अ०पि०व०, अल्प संख्यक, महिला, पूर्व सैनिक, शारीरिक विकलांग)
प्रोजेक्ट कास्ट का 35%

पात्र सम्भावित उद्योग समूहः-

समूह -1 खनिज आधारित उद्योग

समूह-2 वनाधारित उद्योग

समूह-3 कृषि आधारित और खाद्य उद्योग
समूह-4 बहुलक और रसायन आधारित उद्योग

समूह-5 इन्जीनियरिंग और गैर पराम्परागत ऊर्जा
समूह-6 वस्त्रोद्योग (खादी को छोड़कर)

समूह-7 सेवा उद्योग

 

वित्तीय वर्ष 2017-18 तक की प्रगति

वर्ष
स्थापित इ०सं०
पॅूजी निवेश
(लाख में)

रोजगार
संख्या में

17-18
1408
12971-04
14080

वित्तीय वर्ष 2018-19 में माह दिसम्बर 2018 तक की प्रगति का विवरण धनराशि लाख रू० में

लक्ष्य
पूर्ति

वर्ष
इ०सं०
मा० मनी
रोजगार
इ०सं०
वितरित मा० मनी धनराशि
रोजगार

2018-19
2301
5751.48
18408
1849
6379.75
20415

राज्य आरोग्य निधि(मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा कोष)

  • Posted on: 27 July 2019
  • By: Dheeraj

गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन करने वाले व्यक्तियों को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधीन समस्त चिकित्सालयों में निःशुल्क चिकित्सा उपचार की सुविधा अनुमन्य है। परन्तु विभाग के अन्तर्गत संचालित चिकित्सकीय इकाइयों में असाध्य, जटिल एवं जानलेवा बीमारियों के चिकित्सा उपचार की सुविधा तथा उनकी पहचान के लिए जांच आदि की सुविधा उपलब्ध नहीं है। ऐसी स्थिति में गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने वाले गम्भीर रोगों से पीडित व्यक्तियों के विशिष्ट चिकित्सा उपचार हेतु चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु राज्य आरोग्य निधि की स्थापना की गई है।

पात्रता-

1 रोगी उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए।
2 रोगी गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने वाले परिवार का होना चाहिए।
3 संबंधित रोग के उपचार/जांच की सुविधा विभागीय चिकित्सालय में उपलब्ध नहीं है।

Website : http://uphssp.org.in/arogyNidhiPatient.aspx

राष्ट्रीय आयुष मिशन

  • Posted on: 27 July 2019
  • By: Dheeraj

कार्यक्रम का नामः-
औषधीय पौध क्षेत्र विस्तार कार्यक्रम के अन्तर्गत विभिन्न फसलें यथा- सर्पगन्धा, अश्वगंधा, ब्र्राम्ही, कालमेघ, कौंच, सतावरी, तुलसी, एलोवेरा, वच एवं आर्टीमीशिया के क्षेत्र विस्तार का कार्यक्रम कराया जाता है।
पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेन्टः- पोस्ट हार्वेस्ट कार्यक्रम के अन्तर्गत निजी क्षेत्र में स्टोरेज गोडाउन एवं ड्राइंगशेड का निर्माण।

नुमन्य अनुदान मदवारः-
सर्पगन्धाः- इकाई लागत धनराशि रू0 91506.25 प्रति हेक्टेयर के सापेक्ष 50 देय अनुदान अधिकतम धनराशि रू0 45753.00 का भुगतान किया जायेगा।
अश्वगंधाः- इकाई लागत धनराशि रू0 36602.50 प्रति हेक्टेयर के सापेक्ष 30 देय अनुदान अधिकतम धनराशि रू0 10980.75 का भुगतान किया जायेगा।
ब्राम्हीः- इकाई लागत धनराशि रू0 58564.00 प्रति हेक्टेयर के सापेक्ष 30% देय अनुदान अधिकतम धनराशि रू0 17569.20 का भुगतान किया जायेगा।
कालमेघः- इकाई लागत धनराशि रू0 36602.50 प्रति हेक्टेयर के सापेक्ष 30% देय अनुदान अधिकतम धनराशि रू0 10980.75 का भुगतान किया जायेगा।
कौंचः- इकाई लागत धनराशि रू0 29282.00 प्रति हेक्टेयर के सापेक्ष 30% देय अनुदान अधिकतम धनराशि रू0 8784.60 का भुगतान किया जायेगा।
सतावरीः- इकाई लागत धनराशि रू0 91506.25 प्रति हेक्टेयर के सापेक्ष 30% देय अनुदान अधिकतम धनराशि रू0 27451.80 का भुगतान किया जायेगा।
तुलसीः- इकाई लागत धनराशि रू0 43923.00 प्रति हेक्टेयर के सापेक्ष 30% देय अनुदान अधिकतम धनराशि रू0 13176.90 का भुगतान किया जायेगा।
एलोवेराः- इकाई लागत धनराशि रू0 62224.25 प्रति हेक्टेयर के सापेक्ष 30% देय अनुदान अधिकतम धनराशि रू0 18672.20 का भुगतान किया जायेगा।
वचः- इकाई लागत धनराशि रू0 91506.25 प्रति हेक्टेयर के सापेक्ष 30% देय अनुदान अधिकतम धनराशि रू0 27451.80 का भुगतान किया जायेगा।
आर्टीमीशियाः- इकाई लागत धनराशि रू0 48741.25 प्रति हेक्टेयर के सापेक्ष 30% देय अनुदान अधिकतम धनराशि रू0 14622.25 का भुगतान किया जायेगा।
ड्राइंगशेडः- इकाई लागत धनराशि रू0 10.00 लाख प्रति इकाई के सापेक्ष 50% देय अनुदान अधिकतम धनराशि रू0 5.00 लाख का भुगतान किया जायेगा।
स्टोरेज गोडाउनः- इकाई लागत धनराशि रू0 10.00 लाख प्रति इकाई के सापेक्ष 50% देय अनुदान अधिकतम धनराशि रू0 5.00 लाख का भुगतान किया जायेगा।

आवेदक की पात्रता शर्तेः-
कृषक को योजना का लाभ प्राप्त करने हेतु वेबसाइट www.upagriculture.com पर ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा।
लाभार्थी के पास राजस्व भू-अभिलेखों में स्वयं के नाम भूमि उपलब्ध होनी चाहिए।
लाभार्थी के पास सिंचाई का पर्याप्त साधन होना चाहिए।
लाभार्थी कृषक के पास बैंक खाता एवं चेकबुक उपलब्ध होना चाहिए।
लाभार्थी योजना के अन्तर्गत अनुदान धनराशि के अतिरिक्त कार्यक्रम पर व्यय होने वाली धनराशि वहन करने में सक्षम हो।
लाभार्थी के पास हेतु पहचान हेतु वोटर कार्ड/राशन कार्ड/आधार कार्ड/पासपोर्ट में से कोई एक उपलब्ध होना चाहिए।
लाभार्थी को सम्बन्धित कार्यक्रम की प्रारम्भिक तकनीकी जानकारी हो एवं कार्यक्रम में उसकी अभिरूचि हो।
लाभार्थी का चयन प्रथम आवक-प्रथम पावक के सिद्धान्त के आधार पर किया जायेगा।
अनुमन्य क्षेत्रफल/मात्रा/संख्याः-
सर्पगन्धाः अधिकतम् क्षेत्रफल-2 हेक्टेयर, बीज की मात्रा-ताजी जड़ 100 Kg. प्रति हेक्टेयर
अश्वगंधाः अधिकतम् क्षेत्रफल-2 हेक्टेयर, बीज की मात्रा- 8 से 10 Kg. प्रति हेक्टेयर
ब्राम्हीः अधिकतम् क्षेत्रफल-2 हेक्टेयर, बीज की मात्रा- 100 Kg. रनर्स प्रति हेक्टेयर
कालमेघः अधिकतम् क्षेत्रफल-2 हेक्टेयर, बीज की मात्रा- 450 Gm.प्रति हेक्टेयर
कौंचः अधिकतम् क्षेत्रफल-2 हेक्टेयर, बीज की मात्रा- 9 से 10 Kg. प्रति हेक्टेयर
सतावरीः अधिकतम् क्षेत्रफल-2 हेक्टेयर, बीज की मात्रा- 2.5 से 3 Kg. प्रति हेक्टेयर
तुलसीः अधिकतम् क्षेत्रफल-2 हेक्टेयर, बीज की मात्रा- 1 Kg. प्रति हेक्टेयर
एलोवेराः अधिकतम् क्षेत्रफल-2 हेक्टेयर, बीज की मात्रा- 50000 पौध/सकर्स प्रति हेक्टेयर
वचः अधिकतम् क्षेत्रफल-2 हेक्टेयर, बीज की मात्रा- 74074 तनों के सकर्स प्रति हेक्टेयर
आर्टीमीशियाः अधिकतम् क्षेत्रफल-2 हेक्टेयर, बीज की मात्रा- 50 Gm.प्रति हेक्टेयर

उद्यान विभाग में कृषकों को दी जाने वाली सुविधाओं का विवरण

  • Posted on: 24 July 2019
  • By: Dheeraj

उद्यान विभाग में कृषकों को दी जाने वाली सुविधाओं का विवरण

उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड श्रम विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार

  • Posted on: 22 July 2019
  • By: Dheeraj

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना

  • Posted on: 22 July 2019
  • By: Dheeraj

Pradhan Mantri Gram Sadak Yojana का मुख्य उद्देश्य गाँवो और शहरो को पक्की सड़क से जोड़ना है। जिससे हर मौसम में काम आ सके एसी सड़क जिसमे कल्वेर्ट्स, ड्रेनेज सिस्टम भी होगे|

यह Pradhan Mantri Gram Sadak Yojana के लिए योग्य ऐसी बस्तिया जिसमे 1000 लोग की संख्या हो उस बस्ती को गाँव से या फिर शहेरो से जोड़ दिया जाएगा|

इस योजना के तहत ऐसी बस्तियों को 3 साल में गाँवों और शहेरो से जोड़ दिया जाएगा|

इस Pradhan Mantri Gram Sadak Yojana का यह उद्देश्य भी है जो पुराने रास्ते है उन्हें भी नए सिस्टम के मुताबिक बनाया जाएगा| उन पुराने रास्तो को अपग्रेड किया जाएगा|

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